समय रहते इलाज करने में डाक्टर की लापरवाही बरतने का आरोप
चंद्रपुर(संवाददाता):
शहर के सरकार रोड पर स्थित एक जानेमाने अस्पताल में मौजुद डाक्टरों की ओर से समय रहते सही उपचार नही किए जाने से चंद्रपुर यातायात नियंत्रण विभाग में पुलिस हवालदार के तौर पर नियुक्त महादेव केंद्रे की रविवार की शाम 4.35 बजे नागपुर के जानेमाने अस्पताल में हार्डअटैक से मृत्यु हो गई. महादेव केंद्रे की मृत्यु के लिए जिम्मेदार पर निजि अस्पताल के डॉक्टर पर कार्रवाई करने की मांग यातायात विभाग के अन्य कर्मी कर रहे है.
जानकारी के मुताबिक, महादेव केंद्रे नामक व्यक्ति शहर यातायात नियंत्रण विभाग में पिछले 4 वर्ष से पुलिस हवालदार के तौर पर नियुक्त थे. उनके परिवार में माता, पिता, पत्नी, बेटा व 2 भाई है. परिवार के उदरनिर्वाह का भार महादेव पर था. शनिवार 23 मार्च की रात 9 बजे महादेव के छाती में अचानक दर्द होने से वरोरा नाका परिसर में जानेमाने डाक्टर के पास ले गए. परंतु उस डाक्टर ने महादेव की स्थिति को देखकर सरकार नगर रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठीत अस्पताल में लेकर जाने की सलाह देने पर यातायात नियंत्रण विभाग के 4 से 5 अन्य कर्मी तथा परिवार के सदस्यों ने महादेव को संबंधित निजि अस्पताल में भर्ती किया.
अस्पताल के डाक्टर ने महादेव की जांच करने पर एंजिओप्लास्टी उपचार करने की सलाह दी. परंतु डाक्टर की अनदेखी के चलते एंजीओप्लास्टी असफल रही. निजि अस्पताल के डाक्टरों ने नागपुर के निजि अस्पताल लेकर जाने की बात कहने पर यातायात कर्मीयों ने आयसीयु एम्बुलन्स का इंतजाम कर 23 मार्च की रात 11 बजे नागपुर ले जाया गया.
नागपुर के निजि अस्पताल के डाक्टरों ने महादेव की जांच करने पर चंद्रपुर के सरकार नगर रोड स्थित निजि अस्पताल के डॉक्टरों ने एंजीओप्लास्टी सर्जरी में लापरवाही बरतने की जानकारी दी. इसी दौरान 24 मार्च की सुबह महादेव पर नागपुर निजि अस्पताल के डाक्टरों ने इलाज शुरू किया परंतु उसी दौरान शाम के 4.35 बजे महादेव केंद्रे को हार्डअटैक आकर उनकी मृत्यु हो गयी.
महादेव केंद्रे की अचानक मृत्यु से उनके परिवार पर संकट के बादल छाए गए. उनकी अचानक मृत्यु से यातायात नियंत्रण विभाग तथा कर्मीयों में शोक फैला रहा. महादेव केंद्रे की इलाज में लापरवाही बरतनेवाले चंद्रपुर शहर के सरकार नगर रोड पर स्थित निजि अस्पताल के डाक्टरों पर अपराध दर्ज करने की मांग परिवारा द्वारा मांग की जा रही है.


